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Journalist Yunus Khan | Editor Vikas Kiran News Bhopal

Yunus Khan | Journalist | Vikas Kiran News Yunus Khan Journalist | Editor – Vikas Kiran News Yunus Khan is an Indian journalist and media professional from Bhopal, Madhya Pradesh. He is the editor of Vikas Kiran News and actively reports on social issues, politics and public interest stories. He is known for independent journalism and digital news reporting. © Vikas Kiran News

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🗞️ Vikas Kiran News – Today E-Paper 📅 Published on: 📥 Download Today PDF Vikas Kiran News का यह डिजिटल संस्करण मध्यप्रदेश, भोपाल और देश-दुनिया की ताज़ा, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरों को आप तक पहुँचाने के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। हमारा लक्ष्य है — सच, साहस और सेवा । © Vikas Kiran News | All Rights Reserved

ज़हरीली मांगुरा मछली: सेहत और पर्यावरण पर खतरा

ज़हरीली मांगुरा मछली: सेहत और पर्यावरण पर खतरा एनजीटी का आदेश: जहां दिखे, तुरंत नष्ट की जाए भोपाल में प्रतिबंधित विदेशी मांगुरा (थाई मागुर) मछली का पालन और विक्रय खुलेआम जारी है। यह मछली मानव स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा मानी जा रही है। ⚠️ पब्लिक अवेयरनेस गंदे और प्रदूषित पानी में पनपने वाली मछली संक्रमण और गंभीर बीमारियों का खतरा लंबे समय तक सेवन से लीवर व आंतों को नुकसान ⚖️ NGT का स्पष्ट आदेश Clarias gariepinus (थाई मागुर) पूर्णतः प्रतिबंधित पालन, प्रजनन और बिक्री गैरकानूनी जहां भी मिले – तुरंत नष्ट करने के निर्देश 🚨 भोपाल में खुला उल्लंघन तालाबों में अवैध पालन बाजारों...

भारत का रुपया फिर गिरा! नाथपंथी जी का मिर्च-मसाला तड़का व्यंग्य | Rupee vs Dollar Satire

🌶️ नाथपंथ न्यूज़: रुपया फिर गिरा… और देश में लगी मिर्च-मसाला चौक की घंटी! — नाथपंथी जी की चटपटी व्यंग्य रिपोर्ट भारत का रुपया आज फिर डॉलर के सामने ऐसे फिसला जैसे गर्मी में चाट वाले के हाथ से आलू टिक्की फिसलकर सीधे नाली में गिर जाए। और जैसे ही रुपया गिरा — पूरे देश के मिर्च-मसाला चौक , तड़का गली और झणाझण न्यूज़ मंडी में बवाल मच गया। 🌶️ अंधभक्त मंडली की प्रतिक्रिया — “ये सब वैश्विक षड्यंत्र है!” पहला भक्त बोला: “रुपया नहीं गिरा, डॉलर ज्यादा उठ गया है!” दूसरा भक्त: “56 इंच का card जारी करो—डॉलर डरकर नीचे आएगा!” तीसरा भक्त (सबसे वरिष्ठ): “अगर रुपया गिरा भी है तो क्या हुआ? राष्ट्रवाद भी कभी-कभी झुक जाता है।” वाट्सऐप यूनिवर्सिटी ने तुरंत फॉरवर्ड भेजा: “रुपया इसलिए गिरा क्योंकि भारत बहुत संस्कारी देश है—दूसरों को ऊपर उठता देख खुश होता है।” 🍳 राजनेताओं का तड़का — सब अपनी-अपनी कड़ाही गरम कर रहे हैं विपक्ष: “रुपया सरकार के वादों की तरह है — बोलता कुछ और है, टिकता कहीं और है!” सत्ता पक्ष: “रुपया गिरा नहीं है, योग निद्रा में है। ध्यान कर रहा है...

भोपाल में तनाव: पत्थरबाज़ी, बयानबाज़ी और हमारी गंगा-जमुनी तहजीब

विशेष रिपोर्ट • युनुस खान विकास किरण ब्लॉग •  अरिफ नगर में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान जो विवाद शुरू हुआ, वह बहुत जल्द ही केवल एक घटनाक्रम से आगे बढ़कर शहर के राजनीतिक और सामाजिक माहौल की चर्चा बन गया। शुरुआती मीडिया कवरेज में पत्थरबाज़ी के आरोप उठे — पर अब पुलिस की जांच ने तस्वीर को बदल कर रख दिया है। पुलिस जांच — क्या मिला? स्थानीय पुलिस ने विस्तृत तफ्तीश के बाद निष्कर्ष निकाला है कि पत्थरबाज़ी के जो आरोप लगे थे, वे ठोस तौर पर साबित नहीं हुए। जांच में यह संकेत मिला कि यह मामला किसी सामुदायिक संघर्ष से ज़्यादा आपसी रंजिश और कुछ व्यक्तियों द्वारा झूठे आरोप लगाकर एक समुदाय विशेष को निशाना बनाने की कोशिश था। पुलिस ने कहा है कि अफवाह फैलाई गई और साजिश के इरादे से गलत आरोप लगाए गए। "जांच में यह स्पष्ट हुआ कि घटना की जो तस्वीर बनाई जा रही थी, वह वास्तविकता से मेल नहीं खाती।" — पुलिस सूत्र समाजसेवी मोहसिन अली खान की प्रतिक्रिया समाजसेवी मोहस...

जबलपुर बैंक डकैती कांड में चार आरोपी गिरफ्तार

प्रकाशित: 18 अगस्त 2025 • Vikas Kiran News जबलपुर। इस महीने की शुरुआत में खितौला इलाके के ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में हुई करीब 15 करोड़ रुपये की डकैती के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से नकदी, हथियार और वाहन बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रहीस लोधी, सोनू बर्मन, हेमराज और विकास चक्रवर्ती के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से 1.83 लाख रुपये नकद , एक देसी पिस्तौल , चार जिंदा कारतूस , दो मोटरसाइकिल और चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं। वारदात कैसे हुई यह डकैती 11 अगस्त को हुई थी, जब पाँच नकाबपोश बदमाशों ने बैंक में धावा बोला और कर्मचारियों को बंदूक की नोक पर धमकाकर लॉकर खुलवाया। गिरोह करीब 14.87 किलो सोना और 5.08 लाख रुपये नकद लेकर फरार हो गया था। पूरी घटना बैंक के सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई थी। पुलिस जांच और बरामदगी पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी इंद्राना गांव के एक किराए के कमरे में छिपे हुए थे। वे फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर खुद को ...

कपिल सिब्बल का बड़ा बयान — उपराष्ट्रपति लापता?

कपिल सिब्बल का बड़ा बयान — उपराष्ट्रपति लापता? नई दिल्ली: वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को लेकर एक चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने ANI से बातचीत में कहा कि "उपराष्ट्रपति लापता हैं", जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। कपिल सिब्बल ने क्या कहा? ANI को दिए इंटरव्यू में कपिल सिब्बल ने सवाल उठाया कि आखिर उपराष्ट्रपति कहां हैं और वे मौजूदा घटनाओं पर क्यों चुप हैं। हालांकि उन्होंने किसी हादसे या अनहोनी का सीधा ज़िक्र नहीं किया, लेकिन उनके शब्दों से गंभीर चिंता झलक रही थी। सोशल मीडिया पर वायरल यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। ट्विटर (X) पर #VicePresidentMissing और #KapilSibal जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। कई यूज़र्स ने मज़ाकिया मीम्स भी बनाए, जबकि कुछ ने इसे गंभीर राजनीतिक संकेत बताया। सरकार की तरफ़ से प्रतिक्रिया? अभी तक सरकार या उपराष्ट्रपति कार्यालय की तरफ़ से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। निष्कर्ष कपिल सिब्बल के इस बयान ने राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि उपराष्...

"राहुल गांधी ने खोली वोट चोरी की पोल – एक व्यंग्यात्मक रिपोर्ट"

जब कुर्सी के नीचे से ढोल निकला और पोल खुल गई! ✍️ नाथपंथी जी की आंखों देखी, दिमाग की जली और जमीर की गूंज सियासत की गलियों में आज फिर कुछ ऐसा हुआ कि लोकतंत्र ने आंख मटकाई और कहा, "कहो अब? किसका नकली वोट कहां से निकला?" जी हां, आज राहुल गांधी जी ने वो कर दिखाया जो कई मीडिया चैनल वाले TRP के चक्कर में भूल गए थे — Election Commission की कुर्सी के नीचे रखा ढोल निकालकर बजा डाला! और जैसे ही ढोल बजा — पोल खुल गई। 📜 फैक्ट दर फैक्ट, पोल खोल तमाशा शुरू! राहुल जी प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए, और आते ही जंतर-मंतर की हवा बदल गई। उनके पास सिर्फ माइक नहीं था, बल्कि लोकतंत्र की चुप्पी को तोड़ने वाला डेटा बम था। 📊 ये आंकड़े नहीं, लोकतंत्र की हत्या की चार्जशीट हैं: 100,250 वोट चोरी: लोकतंत्र की चप्पलें चोरी हो गईं! डुप्लीकेट वोटर: 11,965 (नाम वही, शक्ल वही, हर बूथ पर मौजूद) फर्जी वोटर: 40,000 (वोट नहीं, वोटिंग के भूत!) बुक वोटर: 10,452 (एक कमरे में 80-80 वोटर!) बिना फोटो वाले कार्ड: 4,132 (मतलब दिखाई...

एमपी में एक साथ 177 अधिकारियों को हटाया गया, मची खलबली!

📰 एमपी में एक साथ 177 अधिकारियों को हटाया गया, मची अफरातफरी! भोपाल। मध्यप्रदेश में प्रशासनिक गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब सरकार ने एक ही झटके में 177 अधिकारियों का तबादला कर डाला। इस अचानक हुई बड़ी प्रशासनिक सर्जरी से न केवल अफसरशाही में हलचल है, बल्कि राजनैतिक गलियारों में भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। 🔁 तबादलों की बुलेट लिस्ट: 70 अपर कलेक्टर 107 राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रभारी डिप्टी कलेक्टर व अन्य अधिकारी कुल मिलाकर, प्रदेश के 177 अधिकारियों को उनके वर्तमान पदों से हटाकर नई जिम्मेदारियों में भेजा गया है। 🗂 किसने जारी किए आदेश? यह आदेश सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की ओर से सोमवार देर रात को जारी किया गया। 107 अधिकारियों की सूची उप सचिव ब्रजेश सक्सेना द्वारा जारी की गई है। 70 अधिकारियों की सूची अवर सचिव एस.के. सेंद्रे ने जारी की है। इस लिस्ट में प्रदेश के कई संयुक्त कलेक्टर , अपर कलेक्टर और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हैं, जिनका कार्यक्षेत्र अ...

शिबू सोरेन का निधन, शिबू सोरेन का इतिहास, Shibu Soren dies, history of Shibu Soren,

झारखंड की आत्मा को श्रद्धांजलि:  झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक, शिबू सोरेन जी के निधन की खबर से पूरे देश में शोक की लहर है। "गुरुजी" के नाम से मशहूर शिबू सोरेन ने आदिवासी समाज के हक़ और अधिकारों के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उनका जाना सिर्फ एक नेता की विदाई नहीं, बल्कि एक युग का अंत है। 🌿 प्रारंभिक जीवन और संघर्ष शिबू सोरेन का जन्म 11 जनवरी 1944 को झारखंड के दुमका ज़िले के नेमरा गांव में हुआ था। बचपन में ही उनके पिता की हत्या जमींदारों द्वारा कर दी गई थी, जिसने उनके अंदर अन्याय के विरुद्ध आग भर दी। ✊ आदिवासी अधिकारों की लड़ाई 1970 के दशक में उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा की स्थापना की और ज़मीन हड़पने वालों, उद्योगपतियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ जनआंदोलन छेड़ दिया। 🏛️ राजनीतिक जीवन 1980 में पहली बार लोकसभा पहुंचे। 2005, 2008 और 2009 में झारखंड के मुख्यमंत्री बने। यूपीए सरकार में कोयला मंत्री भी रहे। 🕊️ ...

ट्रंप की टैरिफ नीति: दोस्ती महंगी, दुश्मनी सस्ती!

ट्रंप का टैक्सीला फार्मूला: "रूस से दोस्ती? तो भुगतो पेनल्टी!" ✍️ युनुस खान जी की कलम से एक अगस्त से अमेरिका ने भारत पर 25% टैरिफ़ लगा दिया है। वजह? भारत ने रूस से तेल और हथियार क्यों खरीदे! अब अगर ये तर्क है, तो कल को ट्रंप ये भी कह सकते हैं कि भारत ने दही भल्ला पाकिस्तान से लिया तो उस पर भी एक्स्ट्रा टैक्स और पेनाल्टी दो। 🎯 ट्रंप की टैरिफ नीति: दोस्ती महंगी, दुश्मनी सस्ती! ट्रंप साहब बोले — "भारत रूस से खरीदारी करता है, जिससे रूस यूक्रेन पर हमला जारी रखता है।" 🌍 भारत का तेल व्यापार: पेट्रोल में मिलावट नहीं, चालाकी है! भारत रूस से सस्ता तेल खरीदता है, फिर उसे नायरा और रिलायंस की रिफाइनरियों में शुद्ध करके यूरोपियन देशों को बेच देता है — वो भी उनकी लागत से सस्ता। अब यूरोप बोले — "तुम रूस से खरीद कर हमें बेच रहे हो? ये तो पेट्रोल नहीं, पेट्रोल-पॉलिटिक्स है! " नायरा में रूस की 49% हिस्सेदारी होने के कारण यूरोप ने इन दोनों कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने ...

"पहलगाम में पटाखा फूटा या बयानबाज़ी की बारूद?"

🐍 नाथपंथी जी का राष्ट्रवादी रडार: "पहलगाम में पटाखा फूटा या बयानबाज़ी की बारूद?" लेखक:  युनुस खान जी तो भइया, जैसे ही संसद में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की गरमागरम बहस शुरू होने को थी, वैसे ही एक अनुभवी राजनेता पी. चिदंबरम जी ने एक इंटरव्यू में अपने राजनीतिक गालों से कुछ बम फोड़े — और वो भी ऐसे कि पहलगाम का हमला पीछे छूट गया, बयानबाज़ी आगे निकल आई। “क्या वाकई पाकिस्तान से आए थे आतंकी?” “क्या कोई सबूत है?” “घरेलू आतंकी भी हो सकते हैं न?” मतलब साफ़ है — जैसे कोई घर में चोर घुस आए और दादी कहें, "हो सकता है हमारा ही बेटा नींद में उठकर सोने के जेवर पहन रहा हो।" भाईसाहब! इस बयान से बीजेपी वालों का ब्लड प्रेशर सीधा संसद की छत तक चढ़ गया। शहजाद पूनावाला बोले: “कांग्रेस को तो जैसे पाकिस्तान से मोहब्बत है और अपने ही देश पर शक।” अमित मालवीय बोले: “ये बयान नहीं, पाकिस्तान को ‘क्लीन चिट सर्टिफिकेट’ है!” अब ज़रा सोचिए, पाकिस्तान में मिठाइ...

भारत के उपराष्ट्रपति धनखड़ का इस्तीफा: सियासी भूकंप या शांत तूफान?

  🧨 भारत के उपराष्ट्रपति धनखड़ का इस्तीफा: सियासी भूकंप या शांत तूफान? 22 जुलाई 2025 की सुबह  देश की राजनीति में अचानक भूचाल आ गया। भारत के उपराष्ट्रपति  श्री जगदीप धनखड़  ने अपने पद से  तुरंत प्रभाव से इस्तीफा  दे दिया। राष्ट्रपति भवन से जारी एक संक्षिप्त बयान में सिर्फ इतना कहा गया: "व्यक्तिगत कारणों से श्री धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दिया है, जिसे राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया है।" लेकिन सवाल ये उठता है – क्या ये केवल "व्यक्तिगत कारण" हैं? या फिर पर्दे के पीछे कुछ और ही कहानी चल रही है? 🔥 ट्विटर पर छिड़ी जंग! @politicsdecoded “धनखड़ जी का इस्तीफा अचानक नहीं है, बल्कि एक सुनियोजित संकेत है… दिल्ली की दीवारें कुछ और कह रही हैं!” @RightWingRebel “#धनखड़ का इस्तीफा – कहीं NDA 2029 की तैयारी तो नहीं? क्या मोदी जी ने संकेत दे दिया?” @BharatLeaks “सूत्रों के हवाले से – धनखड़जी पिछले 6 महीनों से नाराज चल रहे थे। PMO से दूरी बढ़ती जा रही थी।” @ChaiPeCharcha “अब तो साफ है! कुछ बड़ा पक रहा है दिल्ली की रसोई में। और ये सिर्फ़ शुरुआत है।” 🧐 पर्दे के पीछे की 5 बड़...

अनिल अंबानी पर ईडी का धावा: 'यस बैंक' से 'नो लॉजिक' तक की कहानी!

  🕵️‍♂️ अनिल अंबानी पर ईडी का धावा: 'यस बैंक' से 'नो लॉजिक' तक की कहानी! 📅 24 जुलाई 2025 | ✍️ युनुस खान “धन तो सब कमाते हैं, लेकिन अनिल भाई ने जैसे Excel शीट में 'कंट्रोल+C, कंट्रोल+V' करके पूरा सिस्टम ही हैंग कर दिया!” गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस अनिल अंबानी समूह (RAAGA) की कंपनियों के 35 से अधिक परिसरों पर छापा मारा। ईडी को शक है कि यस बैंक से भारी मात्रा में लोन लेकर उसका गलत उपयोग किया गया। 💰 3,000 करोड़ का "कागज़ी प्रेम" ईडी की जांच के मुताबिक 2017 से 2019 के बीच यस बैंक से 3,000 करोड़ रुपये के कर्ज ऐसे बांटे गए जैसे शादी में लड्डू — बिना जाँच, बिना दस्तावेज। फिर वो पैसा शेल कंपनियों में घुमा दिया गया। 👉 "आज लीजिए, कल चुकाइए... या फिर कभी नहीं!" 📄 पेपरों की बाज़ीगरी और SEBI की कड़वी गोली सेबी ने पाया कि कर्ज के लिए दस्तावेजों में गड़बड़ी है, कंपनियों के पते एक जैसे हैं, डायरेक्टर्स वही हैं, और पैसा आगे घुमा दिया गया। इसी वजह से अनिल अंबानी समेत 25 लोगों को शेयर बाज़ार से 5 साल के लिए बैन किया गया और 625 करोड़ रुपये ...

🚩 बिहार चुनाव 2025: सियासत का महाभारत – तेजस्वी बनाम PK, नीतीश की चालें और भगवा रंग की भूख!

  बिहार चुनाव 2025: सियासत का महाभारत – तेजस्वी बनाम PK, नीतीश की चालें और भगवा रंग की भूख! बिहार की राजनीति  कभी सीधी नहीं रही… और 2025 में तो यह पूरी तरह  Political Mahabharat  बन चुकी है। इस बार मैदान में हैं: ✅ तेजस्वी यादव – युवाओं के भरोसे, लालू की विरासत पर सवार ✅ प्रशांत किशोर – जन सुराज यात्रा के बाद अब सीधी सियासत में पूरी ताकत ✅ नीतीश कुमार – उम्रदराज मगर चालबाज़ मुख्यमंत्री ✅ BJP – पूरी ताकत से सत्ता में वापसी की कोशिश 🔥 तेजस्वी बनाम प्रशांत किशोर तेजस्वी यादव ने बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरा और PK ने अपनी जन सुराज यात्रा से ज़मीन मजबूत की। “अबकी बार, रोजगार अधिकार! NDA सरकार को युवाओं ने नकार!” – @TejaswiYadav “बिहार को अब जाति नहीं, नीति चाहिए। और वो नीति जन सुराज देगा!” – @PK4Bihar 🎭 नीतीश कुमार की राजनीति नीतीश कुमार का अगला कदम क्या होगा? जनता अब उन्हें “राजनीतिक पेंडुलम” कह रही है। “नीतीश कुमार की राजनीति वो GPS है जो हर 6 महीने में रूट बदल देता है!” – @PoliticalSatire 🧨 बीजेपी का एजेंडा भाजपा “मोदी फॉर बिहार” के नारे के साथ मैदान में है, ...

UPI वालों को GST का झटका! सब्ज़ी बेचने वाले को 29 लाख का नोटिस — डिजिटल इंडिया या टैक्स का फंदा?

    "डिजिटल इंडिया बोले तो... मोबाइल से पेमेंट करो, और फिर टैक्स की पेंच में फंसो!" देशभर के छोटे व्यापारियों — पानवाले, ठेले वाले, सब्ज़ी वाले — के व्हाट्सऐप ग्रुप्स में हलचल है। वजह?   UPI पेमेंट पर अचानक से GST नोटिस।   सब्ज़ी बेचने वाले को   29 लाख रुपये का टैक्स नोटिस   मिल गया क्योंकि उसने सालभर में   20 लाख से ज़्यादा का UPI ट्रांजैक्शन   कर लिया। जी हां, मोबाइल से पैसे लेना आजकल महंगा पड़ रहा है! 🍅  टमाटर बेचो या ट्रैक्टर, सरकार कहे – पहले टैक्स भरो! कई दुकानदार हैरान हैं — “अरे भैया, हमने तो सिर्फ फोन से पेमेंट लिया, ये GST कहां से आ गया? ” सरकार का जवाब साफ़ है – > “भाई, 20 लाख से ऊपर का टर्नओवर? तो GST रजिस्ट्रेशन जरूरी है।” पर सवाल यह है – क्या हर UPI ट्रांजैक्शन व्यापार से जुड़ा होता है? बेटे ने पापा को Google Pay किया, उसका भी स्क्रीनशॉट जमा करें क्या? 🔁 नकद की तरफ़ वापसी शुरू? SBI ने चेतावनी दी है — अगर ऐसे नोटिसों की बाढ़ आई, तो छोटे व्यापारी UPI छोड़कर फिर से नकद लेनदेन की ओर लौटेंगे। मतलब? डिजिटल इंडिया क...

“Mission उपराष्ट्रपति: Modi Team की अगली पर्ची

  🌀 धनखड़ जी का इस्तीफा और नया उपराष्ट्रपति – सस्पेंस, साजिश और सियासत की कॉमेडी! 🎭 विकास किरण स्पेशल रिपोर्ट राजनीति में कब कौन आउट हो जाए और कौन अचानक इन कर दिया जाए, इसका कोई भरोसा नहीं! और अब तो सियासत की इस पिच पर एक नया मैच शुरू होने जा रहा है –  उपराष्ट्रपति का चुनाव!  🗳️ जी हाँ,  जगदीप धनखड़ जी  ने अपनी कुर्सी छोड़ दी है। अब ये कुर्सी खाली हुई है, तो नई कुर्सी पाने वालों की लाइन लग गई है। लेकिन कौन होगा वो भाग्यशाली? कौन बनेगा उपराष्ट्रपति? और सबसे बड़ा सवाल – क्यों छोड़ी धनखड़ जी ने अपनी  VIP सीट ? 🎬 सीन 1: कुर्सी खाली, निगाहें टेढ़ी सूत्रों की मानें तो भाजपा का संसदीय बोर्ड ही तय करेगा नया नाम। लेकिन  मोदी जी  अभी विदेश यात्रा पर हैं, तो बैठक भी अब टल गई है। यानी जब तक मोदी जी वापसी नहीं करते, कुर्सी पर 'आराम कुर्सी' ही बैठी रहेगी! 🕵️‍♂️ सीन 2: सस्पेंस शुरू – NDA के वफादार की तलाश भाजपा कह रही है कि अगला उम्मीदवार "पूरी निष्ठा वाला" होना चाहिए। अब बताओ, निष्ठा की जांच का कोई RT-PCR टेस्ट होता है क्या? 😄 सूत्र फुसफुसा रहे हैं कि...

कंगना रनौत का ‘7-8 दिन वर्किंग’ सांसद प्लान: राजनीति में भी एक्टिंग के स्क्रिप्ट?

  लेखक: युनुस खान विकास किरण न्यूज़ डेस्क  स्थान: मंडी/मुंबई/मंच के बीच कहीं 🗳️  संसद में एंट्री और स्क्रिप्ट का टर्निंग पॉइंट कभी "क्वीन" तो कभी "झांसी की रानी" बनकर रुपहले पर्दे पर राज करने वाली कंगना रनौत ने अब लोकसभा के रंगमंच पर कदम रखा है। हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से बीजेपी सांसद बनीं कंगना जी ने हाल ही में एक ऐसा बयान दे दिया जिससे न केवल सोशल मीडिया बल्कि लोकसभा की कैंटीन तक में चाय में उबाल आ गया। > 🗣️ “मुझे बीजेपी ने कहा था कि महीने में केवल 7-8 दिन ही वर्किंग होते हैं।” – कंगना रनौत, सांसद और संजीदा सिने कलाकार 🎬  राजनीति में टाइमटेबल भी फुल ड्रामा? सुनकर लगता है जैसे संसद कोई वर्क फ्रॉम होम वाला Netflix प्रोजेक्ट है, जिसमें महीने में एक हफ्ता काम और बाकी दिन ‘मुक्त चिंतन’ के लिए छुट्टी! ट्विटर पर कुछ ने इसे "संसद-फ्लेक्स" बताया तो कुछ ने कहा – "कंगना जी, यह शो शूटिंग नहीं, संविधान की सीरियस स्क्रिप्ट है!" --- 😂  जनता बोली – ‘अगर 7 दिन काम करना होता, तो हम भी सांसद होते!’ कई बेरोजगार युवाओं ने तो मज़ाक में आवेदन पत्र तैयार कर द...

ऑपरेशन सिंदूर: संसद में सिंदूरी संग्राम!

🛑 ऑपरेशन सिंदूर: संसद में सिंदूरी संग्राम! ✍️ लेखक : युनुस खान की कलम से जब देश की सरहद पर नहीं, संसद की सीढ़ियों पर जंग छिड़ जाए — तो समझ लीजिए कि ऑपरेशन ‘सिंदूर’ ने अपनी असली दस्तक दी है। इस बार दुश्मन सीमा पार नहीं, सीट के पार बैठा है — और हर कोई खुद को रावण मारने वाला राम समझ रहा है। देश की संसद में इस बार "ऑपरेशन सिंदूर" को लेकर ऐसी बहस छिड़ी है, जैसे श्रीलंका में फिर से रामायण का प्रसारण हो रहा हो, और रावण की भूमिका में विपक्ष के राहुल गांधी परिणीति शिंदे और गोगोई, वानर सेना की भूमिका में सत्ता पक्ष शाह और राजनाथ सिंह और इतिहास के रचयिता तेजस्वी सूर्य और आसमान से प्रकट होते गौरे फूफा ट्रंप ! 🧨 पहला अध्याय: हुंकार संसद की… पर गूंज लाहौर तक! पहलगाम के आंसुओं की राख से जो "ऑपरेशन सिंदूर" उठा था, उसने पाकिस्तान के भीतर तक झाड़ू लगा दी हमने पहलगाम का बदला लिया! पाकिस्तान में घुस गए, सिंदूर पोत दिया, कराची को भी खांसी आ गई और लाहौर तो अब तक छींक रहा है। शाहबाज शरीफ का हुक्का पानी स...

गुरुग्राम में मजदूर नहीं, लोकतंत्र का पोछा हो रहा है!

🐍 नाथपंथी जी का राष्ट्रवादी झाड़ू-पोंछा विश्लेषण: गुरुग्राम में मजदूर नहीं, लोकतंत्र का पोछा हो रहा है! ✍️ लेखक:  युनुस खान जी गुरुग्राम! नाम सुनते ही सामने आता है चमचमाती सड़कों पर सरपट दौड़ती BMW, घर के अंदर एयर कंडीशनर, और बाहर झाड़ू लगाता कोई बंगाल से आया "घुसपैठिया मजदूर"। लेकिन अब हाल यह है कि वही BMW वालों की मैडम अब झाड़ू हाथ में लेकर इंस्टाग्राम रील बना रही हैं — "Desi Cleaning Vibes ✨"। नाथपंथी जी कहते हैं: “जिस देश में झाड़ू लगाने वालों को घुसपैठिया कहा जाता है, वहां गंदगी सिर्फ ज़मीन पर नहीं, सोच में भी होती है।” 🚨 पुलिस और बिना नंबर प्लेट के ठेकेदार देशभक्ति गुरुग्राम की गलियों में एक नया "सीरियल" चल रहा है — बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियां, पुलिस और कुछ 'अज्ञात देशभक्त' गरीबों को घेर रहे हैं। सवाल एक ही: "कहां से आए हो?" अगर जवाब बंगाल, बिहार या मुस्लिम मोहल्ला निकला, तो अगला जवाब गोली नहीं, गाड़ी की ठोकर में मिलता है — "घुसपैठिया हो तुम!" ...