सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Vikas kiran news pdf

🗞️ Vikas Kiran News – Today E-Paper

📅 Published on:


Vikas Kiran News का यह डिजिटल संस्करण मध्यप्रदेश, भोपाल और देश-दुनिया की ताज़ा, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरों को आप तक पहुँचाने के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है।

हमारा लक्ष्य है — सच, साहस और सेवा

© Vikas Kiran News | All Rights Reserved

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

भोपाल में तनाव: पत्थरबाज़ी, बयानबाज़ी और हमारी गंगा-जमुनी तहजीब

विशेष रिपोर्ट • युनुस खान विकास किरण ब्लॉग •  अरिफ नगर में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान जो विवाद शुरू हुआ, वह बहुत जल्द ही केवल एक घटनाक्रम से आगे बढ़कर शहर के राजनीतिक और सामाजिक माहौल की चर्चा बन गया। शुरुआती मीडिया कवरेज में पत्थरबाज़ी के आरोप उठे — पर अब पुलिस की जांच ने तस्वीर को बदल कर रख दिया है। पुलिस जांच — क्या मिला? स्थानीय पुलिस ने विस्तृत तफ्तीश के बाद निष्कर्ष निकाला है कि पत्थरबाज़ी के जो आरोप लगे थे, वे ठोस तौर पर साबित नहीं हुए। जांच में यह संकेत मिला कि यह मामला किसी सामुदायिक संघर्ष से ज़्यादा आपसी रंजिश और कुछ व्यक्तियों द्वारा झूठे आरोप लगाकर एक समुदाय विशेष को निशाना बनाने की कोशिश था। पुलिस ने कहा है कि अफवाह फैलाई गई और साजिश के इरादे से गलत आरोप लगाए गए। "जांच में यह स्पष्ट हुआ कि घटना की जो तस्वीर बनाई जा रही थी, वह वास्तविकता से मेल नहीं खाती।" — पुलिस सूत्र समाजसेवी मोहसिन अली खान की प्रतिक्रिया समाजसेवी मोहस...

ऑपरेशन सिंदूर: संसद में सिंदूरी संग्राम!

🛑 ऑपरेशन सिंदूर: संसद में सिंदूरी संग्राम! ✍️ लेखक : युनुस खान की कलम से जब देश की सरहद पर नहीं, संसद की सीढ़ियों पर जंग छिड़ जाए — तो समझ लीजिए कि ऑपरेशन ‘सिंदूर’ ने अपनी असली दस्तक दी है। इस बार दुश्मन सीमा पार नहीं, सीट के पार बैठा है — और हर कोई खुद को रावण मारने वाला राम समझ रहा है। देश की संसद में इस बार "ऑपरेशन सिंदूर" को लेकर ऐसी बहस छिड़ी है, जैसे श्रीलंका में फिर से रामायण का प्रसारण हो रहा हो, और रावण की भूमिका में विपक्ष के राहुल गांधी परिणीति शिंदे और गोगोई, वानर सेना की भूमिका में सत्ता पक्ष शाह और राजनाथ सिंह और इतिहास के रचयिता तेजस्वी सूर्य और आसमान से प्रकट होते गौरे फूफा ट्रंप ! 🧨 पहला अध्याय: हुंकार संसद की… पर गूंज लाहौर तक! पहलगाम के आंसुओं की राख से जो "ऑपरेशन सिंदूर" उठा था, उसने पाकिस्तान के भीतर तक झाड़ू लगा दी हमने पहलगाम का बदला लिया! पाकिस्तान में घुस गए, सिंदूर पोत दिया, कराची को भी खांसी आ गई और लाहौर तो अब तक छींक रहा है। शाहबाज शरीफ का हुक्का पानी स...

साहब की मालदीवी मोहब्बत: ढोल, धोखा और 4,850 करोड़ का प्रेमपत्र!

साहब की मालदीवी मोहब्बत: ढोल, धोखा और 4,850 करोड़ का प्रेमपत्र! भाइयो और बहनों, देश में एक बार फिर "साहब" का दिल पसीज गया। इस बार समंदर के पार, नारियल के पेड़ों के बीच, जहां सूरज डूबते-डूबते झूठ की लाली छोड़ जाता है — मालदीव! जिस मालदीव को पिछले साल साहब ने आंखें दिखाईं थीं , जहां की रेत को देशभक्ति के नाम पर "गद्दार" कह दिया गया था, और जिसकी यात्रा पर जाने वालों को भक्तगणों ने ट्रोल की कालकोठरी में कैद कर दिया था... आज उसी मालदीव को 4,850 करोड़ रुपये का लव लेटर दे डाला गया। हां, सही पढ़ा आपने — साढ़े चार हज़ार करोड़! यानी हर देशवासी की जेब से चुपके से निकला गया प्रेम-कर, जो गया मालदीव की सड़कों और मकानों में घुलने।   और ढोल बिटिया कहां थे? अरे, जो पिछली बार ट्विटर पर “Boycott Maldives” के नगाड़े पीट रहे थे, जो साहब के फोटोशूट्स के पीछे नारियल की जड़ें तक खंगाल लाए थे — वही ढोल बिटिया अब या तो मौन व्रत में हैं या पन्ना प्रभारी की तरह पोस्टर चिपका...