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ज़हरीली मांगुरा मछली: सेहत और पर्यावरण पर खतरा

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भारत का रुपया फिर गिरा! नाथपंथी जी का मिर्च-मसाला तड़का व्यंग्य | Rupee vs Dollar Satire

🌶️ नाथपंथ न्यूज़: रुपया फिर गिरा… और देश में लगी मिर्च-मसाला चौक की घंटी! — नाथपंथी जी की चटपटी व्यंग्य रिपोर्ट भारत का रुपया आज फिर डॉलर के सामने ऐसे फिसला जैसे गर्मी में चाट वाले के हाथ से आलू टिक्की फिसलकर सीधे नाली में गिर जाए। और जैसे ही रुपया गिरा — पूरे देश के मिर्च-मसाला चौक , तड़का गली और झणाझण न्यूज़ मंडी में बवाल मच गया। 🌶️ अंधभक्त मंडली की प्रतिक्रिया — “ये सब वैश्विक षड्यंत्र है!” पहला भक्त बोला: “रुपया नहीं गिरा, डॉलर ज्यादा उठ गया है!” दूसरा भक्त: “56 इंच का card जारी करो—डॉलर डरकर नीचे आएगा!” तीसरा भक्त (सबसे वरिष्ठ): “अगर रुपया गिरा भी है तो क्या हुआ? राष्ट्रवाद भी कभी-कभी झुक जाता है।” वाट्सऐप यूनिवर्सिटी ने तुरंत फॉरवर्ड भेजा: “रुपया इसलिए गिरा क्योंकि भारत बहुत संस्कारी देश है—दूसरों को ऊपर उठता देख खुश होता है।” 🍳 राजनेताओं का तड़का — सब अपनी-अपनी कड़ाही गरम कर रहे हैं विपक्ष: “रुपया सरकार के वादों की तरह है — बोलता कुछ और है, टिकता कहीं और है!” सत्ता पक्ष: “रुपया गिरा नहीं है, योग निद्रा में है। ध्यान कर रहा है...

भोपाल में तनाव: पत्थरबाज़ी, बयानबाज़ी और हमारी गंगा-जमुनी तहजीब

विशेष रिपोर्ट • युनुस खान विकास किरण ब्लॉग •  अरिफ नगर में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान जो विवाद शुरू हुआ, वह बहुत जल्द ही केवल एक घटनाक्रम से आगे बढ़कर शहर के राजनीतिक और सामाजिक माहौल की चर्चा बन गया। शुरुआती मीडिया कवरेज में पत्थरबाज़ी के आरोप उठे — पर अब पुलिस की जांच ने तस्वीर को बदल कर रख दिया है। पुलिस जांच — क्या मिला? स्थानीय पुलिस ने विस्तृत तफ्तीश के बाद निष्कर्ष निकाला है कि पत्थरबाज़ी के जो आरोप लगे थे, वे ठोस तौर पर साबित नहीं हुए। जांच में यह संकेत मिला कि यह मामला किसी सामुदायिक संघर्ष से ज़्यादा आपसी रंजिश और कुछ व्यक्तियों द्वारा झूठे आरोप लगाकर एक समुदाय विशेष को निशाना बनाने की कोशिश था। पुलिस ने कहा है कि अफवाह फैलाई गई और साजिश के इरादे से गलत आरोप लगाए गए। "जांच में यह स्पष्ट हुआ कि घटना की जो तस्वीर बनाई जा रही थी, वह वास्तविकता से मेल नहीं खाती।" — पुलिस सूत्र समाजसेवी मोहसिन अली खान की प्रतिक्रिया समाजसेवी मोहस...

जबलपुर बैंक डकैती कांड में चार आरोपी गिरफ्तार

प्रकाशित: 18 अगस्त 2025 • Vikas Kiran News जबलपुर। इस महीने की शुरुआत में खितौला इलाके के ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में हुई करीब 15 करोड़ रुपये की डकैती के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से नकदी, हथियार और वाहन बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रहीस लोधी, सोनू बर्मन, हेमराज और विकास चक्रवर्ती के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से 1.83 लाख रुपये नकद , एक देसी पिस्तौल , चार जिंदा कारतूस , दो मोटरसाइकिल और चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं। वारदात कैसे हुई यह डकैती 11 अगस्त को हुई थी, जब पाँच नकाबपोश बदमाशों ने बैंक में धावा बोला और कर्मचारियों को बंदूक की नोक पर धमकाकर लॉकर खुलवाया। गिरोह करीब 14.87 किलो सोना और 5.08 लाख रुपये नकद लेकर फरार हो गया था। पूरी घटना बैंक के सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई थी। पुलिस जांच और बरामदगी पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी इंद्राना गांव के एक किराए के कमरे में छिपे हुए थे। वे फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर खुद को ...

कपिल सिब्बल का बड़ा बयान — उपराष्ट्रपति लापता?

कपिल सिब्बल का बड़ा बयान — उपराष्ट्रपति लापता? नई दिल्ली: वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को लेकर एक चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने ANI से बातचीत में कहा कि "उपराष्ट्रपति लापता हैं", जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। कपिल सिब्बल ने क्या कहा? ANI को दिए इंटरव्यू में कपिल सिब्बल ने सवाल उठाया कि आखिर उपराष्ट्रपति कहां हैं और वे मौजूदा घटनाओं पर क्यों चुप हैं। हालांकि उन्होंने किसी हादसे या अनहोनी का सीधा ज़िक्र नहीं किया, लेकिन उनके शब्दों से गंभीर चिंता झलक रही थी। सोशल मीडिया पर वायरल यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। ट्विटर (X) पर #VicePresidentMissing और #KapilSibal जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। कई यूज़र्स ने मज़ाकिया मीम्स भी बनाए, जबकि कुछ ने इसे गंभीर राजनीतिक संकेत बताया। सरकार की तरफ़ से प्रतिक्रिया? अभी तक सरकार या उपराष्ट्रपति कार्यालय की तरफ़ से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। निष्कर्ष कपिल सिब्बल के इस बयान ने राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि उपराष्...

"राहुल गांधी ने खोली वोट चोरी की पोल – एक व्यंग्यात्मक रिपोर्ट"

जब कुर्सी के नीचे से ढोल निकला और पोल खुल गई! ✍️ नाथपंथी जी की आंखों देखी, दिमाग की जली और जमीर की गूंज सियासत की गलियों में आज फिर कुछ ऐसा हुआ कि लोकतंत्र ने आंख मटकाई और कहा, "कहो अब? किसका नकली वोट कहां से निकला?" जी हां, आज राहुल गांधी जी ने वो कर दिखाया जो कई मीडिया चैनल वाले TRP के चक्कर में भूल गए थे — Election Commission की कुर्सी के नीचे रखा ढोल निकालकर बजा डाला! और जैसे ही ढोल बजा — पोल खुल गई। 📜 फैक्ट दर फैक्ट, पोल खोल तमाशा शुरू! राहुल जी प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए, और आते ही जंतर-मंतर की हवा बदल गई। उनके पास सिर्फ माइक नहीं था, बल्कि लोकतंत्र की चुप्पी को तोड़ने वाला डेटा बम था। 📊 ये आंकड़े नहीं, लोकतंत्र की हत्या की चार्जशीट हैं: 100,250 वोट चोरी: लोकतंत्र की चप्पलें चोरी हो गईं! डुप्लीकेट वोटर: 11,965 (नाम वही, शक्ल वही, हर बूथ पर मौजूद) फर्जी वोटर: 40,000 (वोट नहीं, वोटिंग के भूत!) बुक वोटर: 10,452 (एक कमरे में 80-80 वोटर!) बिना फोटो वाले कार्ड: 4,132 (मतलब दिखाई...

एमपी में एक साथ 177 अधिकारियों को हटाया गया, मची खलबली!

📰 एमपी में एक साथ 177 अधिकारियों को हटाया गया, मची अफरातफरी! भोपाल। मध्यप्रदेश में प्रशासनिक गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब सरकार ने एक ही झटके में 177 अधिकारियों का तबादला कर डाला। इस अचानक हुई बड़ी प्रशासनिक सर्जरी से न केवल अफसरशाही में हलचल है, बल्कि राजनैतिक गलियारों में भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। 🔁 तबादलों की बुलेट लिस्ट: 70 अपर कलेक्टर 107 राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रभारी डिप्टी कलेक्टर व अन्य अधिकारी कुल मिलाकर, प्रदेश के 177 अधिकारियों को उनके वर्तमान पदों से हटाकर नई जिम्मेदारियों में भेजा गया है। 🗂 किसने जारी किए आदेश? यह आदेश सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की ओर से सोमवार देर रात को जारी किया गया। 107 अधिकारियों की सूची उप सचिव ब्रजेश सक्सेना द्वारा जारी की गई है। 70 अधिकारियों की सूची अवर सचिव एस.के. सेंद्रे ने जारी की है। इस लिस्ट में प्रदेश के कई संयुक्त कलेक्टर , अपर कलेक्टर और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हैं, जिनका कार्यक्षेत्र अ...